‘पतवार’ निर्माण की प्रक्रिया का आरंभ वर्ष 2014 से हुआ । ‘पतवार’ शृं खला की प्रथम पुस्तक   आई.जी.सी.एस.ई. हिन्दी का इस प्रक्रिया को आरंभ करने में सबसे बड़ा योगदान रहा । ‘पतवार’ के प्रथम संस्करण के दौरान हमें विविध विद्यालयों के अध्यापकों तथा विद्यार्थियों से जो प्रतिभाव मिलें उनको आधार बनाकर हमने पतवार के द्वीतीय संस्करण का निर्माण किया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी भाषा संबंधी सामग्री प्राप्त करने में विद्यार्थियों तथा शिक्षकों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता हैं । ‘पतवार’ के माध्यम से हमने इन कठिनाइयों को दूर करने के लिए एक छोटा-से प्रयास की शुरूआत इस वेबसाइट के माध्यम से की है ।

आई.जी तथा आई.बी. के बदलते हुए पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए हमने वर्ष 2016 में आई.बी.के एम.वाई.पी. तथा डी.पी. को एक साथ जोड़नेवाली पाठ्यपुस्तक शृंखला का निर्माण किया हैं। इस शृंखला के अंतर्गत कक्षा 7 तथा 8 की पाठ्य-पुस्तकों का निर्माण किया गया ।

‘पतवार’ के विकास में कई हिन्दी अध्यापकों ने समय-समय पर अपने अमूल्य प्रतिभाव देकर योगदान दिया हैं । उन सभी अध्यापकों ‘पतवार’सदैव ऋणी रहेगा।

नाम – संदीप शिवाजी पाटिल

शैक्षणिक योग्यता – एम.ए.बी.एड़ (हिन्दी)

कार्यशाला/ संगोष्ठी – टी.एफ.यु. प्रशिक्षण कार्यक्रम

आई.जी.सी.एस.ई . हिन्दी कार्यशाला

डी.टी.टी. प्रशिक्षण कार्यक्रम

कार्यक्षेत्र – ‘द गैलेक्सी स्कूल’ राजकोट में गत 11 वर्षों से हिन्दी मार्गदर्शक की भूमिका में ।